विदेश मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट केवल यात्रा दस्तावेज़ है। 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट शुल्क बढ़ गया है। जानें नई फीस, नियम और पूरी जानकारी।
पासपोर्ट सिर्फ यात्रा दस्तावेज़, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं! 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) की हाीय नालिया टिप्पणी के बाद देशभर में पासपोर्ट और भारतगरिकता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज़ (Travel Document) है, इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम और कानूनी रूप से निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।
इसी के साथ केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट सेवाओं के शुल्क में बड़ा संशोधन करने की घोषणा की है। नए नियम लागू होने के बाद सामान्य और तत्काल (Tatkal) दोनों प्रकार के पासपोर्ट के लिए पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।
पासपोर्ट को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य किसी भारतीय नागरिक को विदेश यात्रा की अनुमति देना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी राष्ट्रीयता (Nationality) दर्शाना है।
हालांकि, भारतीय नागरिकता (Citizenship) का अंतिम कानूनी प्रमाण केवल पासपोर्ट नहीं है। यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता पर कानूनी विवाद उत्पन्न होता है, तो संबंधित कानूनों के तहत अन्य दस्तावेज़ों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया जाता है।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने सवाल उठाए कि यदि पासपोर्ट अंतिम नागरिकता प्रमाण नहीं है, तो नागरिकता सिद्ध करने के लिए किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी।
1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट शुल्क
| सेवा | पुराना शुल्क | नया शुल्क |
|---|
| 36 पेज का सामान्य पासपोर्ट | ₹1500 | ₹2500 |
| 36 पेज तत्काल पासपोर्ट | ₹3500 | ₹5000 |
| 60 पेज का सामान्य पासपोर्ट | ₹2000 | ₹3500 |
| 60 पेज तत्काल पासपोर्ट | ₹4000 | ₹6000 |
खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट
यदि आपका पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो नए नियमों के अनुसार प्रतिस्थापन (Replacement) के लिए भी अधिक शुल्क देना होगा।
36 पेज पासपोर्ट – ₹5000
60 पेज पासपोर्ट – ₹6000
अन्य सेवाओं की नई फीस
सरकार ने कुछ अन्य पासपोर्ट सेवाओं के शुल्क भी निर्धारित किए हैं।
पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC)
सरेंडर सर्टिफिकेट
अन्य संबंधित सेवाएं
इन सभी सेवाओं के लिए ₹750 शुल्क निर्धारित किया गया है।
पासपोर्ट की वैधता
वयस्क (18 वर्ष या अधिक) का पासपोर्ट 10 वर्ष तक वैध रहेगा।
नाबालिगों का पासपोर्ट 5 वर्ष या 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो पहले हो) वैध रहेगा।
नागरिकों के लिए क्या है इसका मतलब?
यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण (Re-issue) कराने की योजना बना रहे हैं, तो 1 जुलाई 2026 से लागू नई फीस का ध्यान रखना आवश्यक है।
साथ ही, यह भी समझना जरूरी है कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ है, लेकिन नागरिकता से जुड़े किसी कानूनी विवाद में केवल पासपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता।
आवेदन करने से पहले क्या करें?
यदि आप पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले हैं, तो पहले यह तय करें—
नया पासपोर्ट बनवाना है या री-इश्यू कराना है।
36 पेज की बुकलेट चाहिए या 60 पेज की।
सामान्य (Normal) सेवा लेनी है या तत्काल (Tatkal)।
इन विकल्पों के आधार पर आपको अलग-अलग शुल्क देना होगा।
निष्कर्ष
विदेश मंत्रालय की नई स्पष्टता और पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी दोनों ही आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव हैं। यदि आप आने वाले समय में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं या नया पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, तो नए नियमों और शुल्क की जानकारी पहले से रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
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